इंद्राणी मुखर्जी के एक बयान से आईएनएक्स मीडिया केस में फंसे चिदंबरम

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पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से राहत नहीं दी है! उनकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज हो गई है! अब उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है! गिरफ्तारी के डर से वो भागे भागे फिर रहे हैं! उनके वकील सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं!

 

लेकिन चिदंबरम के फंसने के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है! Indrani Mukerjee तो याद ही होंगी आपको! चिदंबरम पर शिकंजा कसने के पीछे उसी इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी के बयान भी हैं! आईएनएक्स मीडिया के प्रमोटर्स मुखर्जी दंपती के दिए बयान कांग्रेस नेता के खिलाफ जांच एजेंसियों का मजबूत आधार बने हैं!

 

उजाला सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को दिए बयान में इंद्राणी ने कहा है कि INX Media की अर्जी फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) के पास थी! इंद्राणी ने कहा कि उन्होंने पति पीटर मुखर्जी ने कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ पूर्व वित्त मंत्री के दफ्तर नॉर्थ ब्लॉक में जाकर मुलाकात की थी!

 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिए अपने बयान में इंद्राणी ने बताया, “चिदंबरम ने पीटर के साथ बातचीत की और आईएनएक्स मीडिया की अर्जी एफडीआई के लिए थी! पीटर ने उन्हें अर्जी की प्रति सौंपी! एफआईपीबी की मंजूरी के बदले चिदंबरम ने पीटर से कहा कि उनके बेटे कार्ति के बिजनेस में मदद करनी होगी! ईडी ने इस बयान को चार्जशीट में दर्ज किया और इसे कोर्ट में भी सबूत के तौर पर पेश किया!

 

ईडी ने कोर्ट को दी जानकारी पर कहा है कि इंद्राणी ने चिदंबरम को कितनी रकम रिश्वत के तौर पर दी, इसका कोई खुलासा नहीं हुआ है! जांच एजेंसी के मुताबिक, “एफआईपीबी की मंजूरी के बाद 2008 में जब अनियमितताओं की बात सामने आई तो पीटर ने चिदंबरम से मिलने की कोशिश की! वो उस वक्त वित्त मंत्री थे और पीटर ने मुश्किलों के समाधान के लिए उनसे मिलने का समय तय किया! तब पीटर ने कहा था कि कथित अनियमितताओं से संबंधित परेशानी को कार्ति चिदंबरम की सलाह और मदद से सुलझाया जा सकता है, क्योंकि उनके पिता ही वित्त मंत्री हैं!”

 

P Chidambaram के अलावा उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ भी ये आरोप हैं कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ संभावित जांच को रुकवाने के लिए 10 लाख डॉलर की मांग की थी! इस मामले में कार्ति चिदंबरम को बीते साल 28 फरवरी को गिरफ्तार भी किया गया था! जिसपर सीबीआई से इंद्राणी ने पूछताछ में कहा था कि कार्ति ने उनसे पैसों की मांग की थी! ये सौदा दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में तय हुआ था! फिलहाल इंद्राणी मुखर्जी अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में जेल में हैं!

 

वैसे भी उन्हें पहले अनगिनत बार जमानत मिल चूकी है! ये लोग कानून से आँख मिचौली खेलने में माहिर होते हैं! ऐसा लगता है जैसे कानून इन्हीं की रक्षा के लिए बनाया गया हो! एक तरफ न्यायालय सरकार से सवाल करती है की देश में इतना भ्रष्टाचार क्यों है, दूसरी तरफ जब बड़े बड़े भ्रष्टाचारियों का केस न्यायालय में पहुँचता है तो वो कानून की आँख में धूल झोंककर जमानत लेने में सफल हो जाते हैं! फिर कैसे होगी भ्रष्टाचार से जंग!